Sunday, September 20, 2026

Friendzone Birthday

जनमदिन पर तुम्हें क्या तोहफ़ा भेजूं,
सुलगती बात या ख़ामोश दुआ भेजूं।
मुझे मालूम है शायद तुम्हारी हद अलग होगी,
मगर इस दिल की धड़कन को मैं कैसे बे-पता भेजूं?
कभी लगता है जैसे तुम मुझे अपना समझती हो,
हँसी में खोलकर बातें मुझे सब कुछ बताती हो,
मगर जब बात दिल की आँख तक आने को होती है,
बड़ी मासूमियत से सिर्फ़ एक 'अच्छा सखा' कहती हो।
इसी दोराहे पे खड़ा हूँ कि आगे बढ़ूँ या ठहर जाऊँ,
तुम्हारी दोस्ती थामूँ या ख़ुद से भी मुकर जाऊँ?
डराता है ये डर मुझको कहीं सब छूट न जाए,
कि इज़हार-ए-मोहब्बत में बना रिश्ता न टूट जाए।
दुआ बस ये कि खिलते रहें चेहरे के ये रंग तुम्हारे,
सदा सजते रहें आँगन में सब ख़्वाब तुम्हारे।
मुकद्दर जो भी तय कर ले हमारी दास्तान का कल,
मगर हर साल लौटें ज़िन्दगी में ये हसीं पल।
जनमदिन की ढेरों शुभकामनाएँ।

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